डॉक्टर्स डे विशेष
सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का दूसरा नाम: डॉ. कुमार प्रशांत
जया मैक्सवेल हॉस्पिटल, हरिद्वार में आधुनिक चिकित्सा और मानवीय उपचार की मिसाल
हरिद्वार :- हर वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे उन चिकित्सकों को समर्पित है, जो अपने ज्ञान, अनुभव और अथक सेवा के माध्यम से समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने का कार्य करते हैं। यह दिन उन डॉक्टरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो दिन-रात मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। हरिद्वार के चिकित्सा जगत में ऐसा ही एक नाम है डॉ. कुमार प्रशांत, जिन्होंने अपनी विशेषज्ञता, संवेदनशीलता और सेवा भावना के बल पर हजारों मरीजों का विश्वास अर्जित किया है।

बहादराबाद स्थित जया मैक्सवेल हॉस्पिटल आज हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। इस संस्थान की पहचान केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से ही नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति मानवीय व्यवहार और समर्पित चिकित्सा सेवा से भी जुड़ी हुई है। इस पहचान को मजबूत बनाने में डॉ. कुमार प्रशांत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
डॉ. कुमार प्रशांत का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। एक डॉक्टर के रूप में उनका प्रयास हमेशा यही रहता है कि मरीज को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि मानसिक संबल और विश्वास भी मिले। यही कारण है कि उनके पास आने वाले मरीज उन्हें केवल एक चिकित्सक नहीं, बल्कि अपने शुभचिंतक और मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं।
आज के दौर में जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां सामने आ रही हैं, तब अनुभवी चिकित्सकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन से जुड़े होने के कारण डॉ. कुमार प्रशांत उन मरीजों के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिनकी स्थिति अत्यंत गंभीर होती है। ऐसे मामलों में समय पर लिया गया निर्णय कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित होता है।
जया मैक्सवेल हॉस्पिटल की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है कि यहां मरीजों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जाता है। अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं से लेकर विशेषज्ञ परामर्श, जांच सुविधाओं और गंभीर मरीजों के उपचार तक की व्यवस्था उपलब्ध है। यही वजह है कि हरिद्वार के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं।
डॉक्टर्स डे के अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों को भी समझना आवश्यक है। एक डॉक्टर का जीवन सामान्य नौकरी की तरह नहीं होता। उसे दिन-रात, छुट्टियों और त्योहारों से परे रहकर मरीजों की सेवा करनी पड़ती है। कई बार डॉक्टरों को अत्यधिक दबाव और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने होते हैं। इसके बावजूद वे अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए मरीजों की जान बचाने के लिए लगातार कार्य करते रहते हैं।
कोविड महामारी के दौरान पूरे देश ने डॉक्टरों की भूमिका को करीब से देखा। उस कठिन समय में डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लाखों लोगों की सेवा की। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आज भी देशभर के चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं। हरिद्वार में भी जया मैक्सवेल हॉस्पिटल की चिकित्सा टीम इसी सेवा भावना के साथ कार्य कर रही है।
डॉ. कुमार प्रशांत का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य केवल अस्पतालों और दवाओं से संभव नहीं है। इसके लिए लोगों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, समय पर चिकित्सा परामर्श और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। यही कारण है कि वे उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष जोर देते हैं।
आज जब स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों का तेजी से विस्तार हो रहा है, तब चिकित्सा सेवाओं में मानवीय संवेदनाएं बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। डॉ. कुमार प्रशांत और उनकी टीम का प्रयास रहता है कि मरीजों को तकनीकी रूप से उत्कृष्ट उपचार के साथ-साथ सम्मानजनक और आत्मीय व्यवहार भी मिले। यही दृष्टिकोण किसी भी अस्पताल को केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि भरोसे का केंद्र बनाता है।
राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर यह कहना गलत नहीं होगा कि समाज के स्वास्थ्य और सुरक्षा में डॉक्टरों का योगदान अमूल्य है। जया मैक्सवेल हॉस्पिटल के डॉ. कुमार प्रशांत और उनकी पूरी चिकित्सा टीम इसी सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता के प्रतीक हैं। उनका कार्य यह संदेश देता है कि चिकित्सा केवल विज्ञान नहीं, बल्कि मानवता की सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक है।
आज डॉक्टर्स डे पर हरिद्वार की जनता ऐसे सभी चिकित्सकों को नमन करती है, जो अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से अनगिनत लोगों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी जगा रहे हैं। डॉ. कुमार प्रशांत का योगदान भी इसी प्रेरणादायी परंपरा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।



