1 जुलाई से CDSCO की बड़ी व्यवस्था: वैक्सीन और एंटीसीरा के लाइसेंस में बदलाव के लिए अब केवल ऑनलाइन आवेदन

1 जुलाई से CDSCO की बड़ी व्यवस्था: वैक्सीन और एंटीसीरा के लाइसेंस में बदलाव के लिए अब केवल ऑनलाइन आवेदन

SUGAM पोर्टल के जरिए होगी पूरी प्रक्रिया, ई-मेल और हार्ड कॉपी आवेदन बंद

नई दिल्ली। देश में दवा नियमन को अधिक पारदर्शी, तेज और डिजिटल बनाने की दिशा में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब मानव उपयोग की वैक्सीन (Human Vaccines) और एंटीसीरा (Anti-sera) के पंजीकरण प्रमाणपत्र (Registration Certificate) तथा आयात लाइसेंस (Import Licence) में पोस्ट अप्रूवल चेंजेज (Post Approval Changes – PACs) से संबंधित सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

CDSCO ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से ऐसे सभी आवेदन SUGAM पोर्टल के माध्यम से ही जमा करने होंगे। इसके बाद हार्ड कॉपी या ई-मेल के जरिए भेजे गए आवेदन प्रक्रिया के लिए स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

क्या होते हैं Post Approval Changes (PACs)?

जब किसी वैक्सीन या जैविक उत्पाद को बाजार में बिक्री या आयात की अनुमति मिल जाती है, उसके बाद उत्पादन प्रक्रिया, निर्माण स्थल, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, पैकेजिंग, लेबलिंग या अन्य तकनीकी पहलुओं में किए जाने वाले बदलावों के लिए नियामक मंजूरी की आवश्यकता होती है। इन्हीं बदलावों को Post Approval Changes (PACs) कहा जाता है।

इन परिवर्तनों का सीधा संबंध उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता से होता है, इसलिए CDSCO की मंजूरी अनिवार्य होती है।

SUGAM पोर्टल के जरिए होगी पूरी प्रक्रिया

CDSCO के अनुसार, PACs से संबंधित आवेदन अब SUGAM पोर्टल के “Other Section Checklist Module” के माध्यम से किए जाएंगे। यह प्रक्रिया पहले से जारी “CDSCO Guidance for Industry – Post Approval Changes in Biological Products: Quality, Safety and Efficacy Documents” के अनुरूप होगी।

इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कंपनियां अपने आवेदन, दस्तावेज और आवश्यक तकनीकी जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगी तथा आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर पाएंगी।

दवा उद्योग को होगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दवा और वैक्सीन उद्योग को कई लाभ मिलेंगे—

  • आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • दस्तावेजों की भौतिक जमा प्रक्रिया समाप्त होगी।
  • आवेदन की स्थिति रियल टाइम में देखी जा सकेगी।
  • अनुमोदन प्रक्रिया तेज होगी।
  • नियामक कार्यालयों में कागजी कार्यवाही कम होगी।
  • उद्योग और नियामक दोनों का समय एवं लागत बचेगी।

डिजिटल CDSCO की दिशा में लगातार कदम

पिछले कुछ वर्षों में CDSCO ने अपने अधिकांश नियामक कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज की है।

मार्च 2026 में संगठन ने Recombinant DNA (r-DNA) उत्पादों के मार्केटिंग ऑथराइजेशन से जुड़े PACs आवेदन भी ऑनलाइन कर दिए थे।

इसके अलावा—

  • क्लीनिकल ट्रायल साइट जोड़ने और बदलने की प्रक्रिया ऑनलाइन की गई।
  • प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर (PI) परिवर्तन आवेदन डिजिटल किए गए।
  • जैविक उत्पादों के क्लीनिकल ट्रायल आवेदन ऑनलाइन किए गए।
  • नई दवाओं के लिए Periodic Safety Update Reports (PSURs) जमा करने की व्यवस्था ऑनलाइन की गई।
  • पशु चिकित्सा (Veterinary) क्षेत्र में Form-44 आवेदन प्रक्रिया भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित की गई।

Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का उद्देश्य दवा उद्योग के लिए “Ease of Doing Business” को बढ़ावा देना और नियामक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना है। ऑनलाइन प्रणाली से न केवल कंपनियों को सुविधा मिलेगी बल्कि CDSCO भी आवेदनों की बेहतर निगरानी, समयबद्ध निस्तारण और डेटा प्रबंधन कर सकेगा।

2023 में शुरू हुई थी प्रक्रिया

गौरतलब है कि नवंबर 2023 में CDSCO ने पहली बार मानव वैक्सीन और एंटीसीरा से जुड़े PACs आवेदनों को SUGAM पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करने के निर्देश दिए थे। उस समय ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया को दिसंबर 2023 से बंद करने की घोषणा की गई थी। अब इसे और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए पूरी प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से डिजिटल कर दिया गया है।

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