अब हर “खतरनाक दवा” सरकार की नज़र में – रीयल-टाइम डिजिटल निगरानी का मास्टर प्लान तैयार
रीयल-टाइम डिजिटल पोर्टल से ड्रग्स की निगरानी होगी मजबूत
नई दिल्ली, देश में मादक औषधियों और नियंत्रित दवाओं पर नजर रखने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। औषधि सलाहकार समिति (डीसीसी) ने एक रीयल-टाइम डिजिटल पोर्टल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस पोर्टल के जरिए ऐसी दवाओं की पूरी गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
इस प्रणाली के लागू होने के बाद दवाओं के निर्माण, आयात-निर्यात, बिक्री, वितरण और स्टॉक से जुड़ी सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे केंद्र और राज्य की नियामक एजेंसियां मिलकर इन दवाओं की निगरानी कर सकेंगी और गड़बड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई कर पाएंगी।
यह फैसला 20 मार्च 2026 को हुई बैठक में लिया गया। बैठक में सुझाव दिया गया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) मिलकर इस पोर्टल को विकसित और लागू करें।
समिति के अनुसार, इस डिजिटल सिस्टम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही सभी संबंधित एजेंसियों को इस पोर्टल तक पहुंच देने की सिफारिश की गई है, ताकि निगरानी और प्रभावी हो सके।
सरकार दवाओं की ट्रैकिंग को और मजबूत करने के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य करने पर भी काम कर रही है। प्रस्ताव के तहत टीकों, एंटीबायोटिक्स, मादक और कैंसर की दवाओं पर क्यूआर कोड लगाना जरूरी किया जा सकता है। इससे दवा की असलियत और स्रोत की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दवा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और नकली दवाओं पर नियंत्रण मजबूत होगा।



