दवा कंपनियों को बड़ी राहत: निर्यात के लिए अब हर बार CDSCO से NOC लेना जरूरी नहीं
पहले से मंजूर r-DNA दवाओं को दूसरे ब्रांड नाम से विदेश भेजने की प्रक्रिया होगी आसान, शर्तें पूरी होने पर सीधे किया जा सकेगा आवेदन
नई दिल्ली। दवा कंपनियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पहले से मंजूर r-DNA दवा उत्पादों के निर्यात के लिए अलग से एक्सपोर्ट एनओसी (NOC) लेने की जरूरत को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। इससे निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली दवा कंपनियों के लिए निर्यात संबंधी अनुमति की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
CDSCO की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, जिन कंपनियों के पास किसी r-DNA दवा उत्पाद के लिए वैध मार्केटिंग ऑथराइजेशन (Form CT-23) है, वे उसी उत्पाद को केवल निर्यात के उद्देश्य से दूसरे ब्रांड नाम के तहत भेजने की अनुमति के लिए आवेदन कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में अलग से CDSCO से एक्सपोर्ट NOC लेने की जरूरत नहीं होगी, बशर्ते नोटिस में दी गई सभी शर्तें पूरी हों।
उत्पाद में बदलाव नहीं होना चाहिए
इस छूट का लाभ सभी दवा उत्पादों को स्वतः नहीं मिलेगा। इसके लिए जरूरी है कि निर्यात के लिए प्रस्तावित दवा वही हो, जिसे पहले से मंजूरी मिल चुकी है। दवा की संरचना, गुणवत्ता संबंधी विनिर्देश, ताकत, डोज फॉर्म, प्रस्तुति, पैकेजिंग, निर्माण स्थल और निर्माण प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए।
नोटिस के अनुसार, इस व्यवस्था में मुख्य अंतर केवल उस ब्रांड नाम का हो सकता है, जिसे विशेष रूप से निर्यात के लिए प्रस्तावित किया गया है। यदि उत्पाद की पहचान या उसके स्वीकृत गुणवत्ता मानकों में बदलाव होता है, तो इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण के माध्यम से होगा आवेदन
पात्र कंपनियां अलग से एक्सपोर्ट NOC लिए बिना ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम (ONDLS) पोर्टल के माध्यम से संबंधित राज्य लाइसेंसिंग अथॉरिटी (SLA) के पास Form 28-D में आवेदन कर सकती हैं। इसके बाद आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्रीय लाइसेंसिंग अनुमोदन प्राधिकरण (CLAA) के विचार और मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
कंपनियों का समय और प्रक्रियागत खर्च बचने की उम्मीद
दवा उद्योग के लिए इस स्पष्टीकरण का महत्व इसलिए है, क्योंकि पहले से मंजूर उत्पाद को केवल निर्यात के लिए अलग ब्रांड नाम से पेश करने के मामले में अतिरिक्त एनओसी की जरूरत को लेकर कंपनियों के बीच सवाल उठ रहे थे। नए स्पष्टीकरण से पात्र मामलों में दोहराई जाने वाली नियामकीय प्रक्रिया कम हो सकती है और निर्यात अनुमति के लिए आवेदन करना आसान हो सकता है।
हालांकि, यह छूट केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां उत्पाद की पहचान और उसके सभी स्वीकृत गुणवत्ता संबंधी गुण पहले जैसे बने रहें। कंपनियों को आवेदन करते समय लागू नियमों और निर्धारित मंजूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा।



