दवा नियमन में डिजिटल क्रांति—CDSCO ने ONDLS के जरिए बढ़ाई पारदर्शिता और तेजी

 दवा नियमन में डिजिटल क्रांति—CDSCO ने ONDLS के जरिए बढ़ाई पारदर्शिता और तेजी

मुंबई। देश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए (CDSCO) के वेस्ट ज़ोन, मुंबई ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अभियान को सफलतापूर्वक लागू किया है। इस अभियान का केंद्र बिंदु Online National Drugs Licensing System (ONDLS) और उससे जुड़ी डिजिटल सेवाएं हैं, जिनसे दवा नियामक प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है।

डिजिटल सिस्टम से बदली नियमन की तस्वीर

CDSCO वेस्ट ज़ोन के डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर (इंडिया) डॉ. संतोष इंद्राक्षा ने बताया कि यह पहल भारत के फार्मास्युटिकल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ONDLS को CDSCO की प्रमुख डिजिटल पहल के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य लाइसेंसिंग और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

पहले जहां कई प्रक्रियाएं मैन्युअल थीं और फाइलों के जरिए लंबा समय लगता था, वहीं अब ONDLS के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। इससे:

  • मंजूरी (Approval) में लगने वाला समय कम हुआ है
  • ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग आसान हुई है
  • भ्रष्टाचार और देरी की संभावना में कमी आई है
  • नियमों के पालन (Compliance) में सख्ती आई है

ब्लड सेंटर्स से शुरू, अब पूरे सेक्टर में विस्तार

ONDLS की शुरुआत विशेष रूप से ब्लड सेंटर्स की लाइसेंसिंग और नियमन को सुव्यवस्थित करने के लिए की गई थी। लेकिन इसकी सफलता को देखते हुए अब इसे फार्मास्युटिकल सेक्टर के अन्य हिस्सों में भी विस्तार दिया जा रहा है। इससे पूरे देश में एक मानकीकृत (Standardized) और एकसमान नियामक प्रणाली विकसित हो रही है।

850 से अधिक विशेषज्ञों ने लिया डिजिटल ट्रेनिंग में हिस्सा

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत हाल ही में CDSCO वेस्ट ज़ोन, मुंबई द्वारा ONDLS पर एक वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें 850 से अधिक इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स ने भाग लिया। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि अब उद्योग जगत तेजी से डिजिटल नियामक प्रणालियों को अपना रहा है।

इस वेबिनार में (C-DAC) के तकनीकी विशेषज्ञों—उत्तम कुमार और मुकेश कुमार सिंह—ने ONDLS के तकनीकी पहलुओं, सिस्टम के उपयोग, और अनुपालन आवश्यकताओं पर विस्तृत जानकारी दी।

वैश्विक मानकों की ओर बढ़ता भारत

विशेषज्ञों का मानना है कि CDSCO का यह डिजिटल कदम भारत को वैश्विक फार्मा नियमन मानकों के करीब ले जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए:

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसा बढ़ेगा
  • एक्सपोर्ट में सुविधा होगी
  • डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी

भविष्य में क्या होगा असर?

यह पहल न केवल दवा कंपनियों और ब्लड सेंटर्स के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है। बेहतर नियमन का सीधा असर दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर पड़ेगा।

कुल मिलाकर, CDSCO का यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अभियान भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल पेश कर रहा है। आने वाले समय में ONDLS पूरे देश के दवा नियमन तंत्र को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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