खून के सौदागरों का भंडाफोड़: हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा अवैध ब्लड कारोबार का नेटवर्क

खून के सौदागरों का भंडाफोड़: हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा अवैध ब्लड कारोबार का नेटवर्क

हरिद्वार। रक्तदान जैसे पवित्र और मानवता से जुड़े कार्य की आड़ में चल रहे कथित अवैध ब्लड कारोबार का हरिद्वार पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। लक्सर कोतवाली पुलिस ने बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों से रक्त एकत्र करने और उसे कथित रूप से अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 27 यूनिट रक्त, रक्त संग्रहण से जुड़े उपकरण, डोनर चेयर और दो वाहन बरामद किए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 16 अगस्त 2026 को लक्सर पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग गांव-देहात में अवैध रूप से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर लोगों से रक्त एकत्र कर रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि एकत्रित रक्त को अधिकृत प्रक्रिया के तहत ब्लड बैंक तक पहुंचाने के बजाय अन्य राज्यों में बेचने का प्रयास किया जा रहा है।

सूचना मिलते ही चौकी सुल्तानपुर प्रभारी उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी और चौकी भिक्कमपुर प्रभारी उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। अलावलपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान स्विफ्ट कार संख्या UK-08-BL-3257 की डिग्गी से एक आइस बॉक्स बरामद हुआ, जिसमें 27 यूनिट रक्त सुरक्षित रखा गया था। इसके अलावा 27 खाली ब्लड बैग, ब्लड कलेक्शन से जुड़े उपकरण, बीपी मशीन, एचबी मशीन तथा ब्लड ग्रुप जांच से संबंधित सामग्री भी बरामद हुई।

वहीं दूसरी ओर स्कॉर्पियो एन कार संख्या UP-20-CD-8085 की जांच में चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, ब्लड यूनिट मापने वाली मशीन, स्लाइड का डिब्बा, हाथ बांधने वाली बेल्ट और अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के नाम से जारी 28 प्रमाणपत्र बरामद किए गए। बरामद सामग्री से यह संकेत मिला कि आरोपियों द्वारा व्यवस्थित तरीके से रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे थे।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते थे। सामाजिक सेवा और मानवता के नाम पर लगाए जाने वाले इन शिविरों में भोले-भाले लोगों से रक्त एकत्र किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि एकत्रित रक्त को निर्धारित नियमों और अनुमति के बिना दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था। हालांकि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस रक्त के स्रोत, उसके गंतव्य तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

मामले में कोतवाली लक्सर में मुकदमा संख्या 829/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी), 27 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(1) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनित सैनी निवासी लक्सर, शुभम कुमार निवासी खानपुर, दुष्यन्त कुमार निवासी बिजनौर, कावेन्द्र कुमार निवासी मुरादाबाद तथा दया सिंह निवासी सम्भल के रूप में हुई है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस उनके नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

एसएसपी हरिद्वार ने कहा कि रक्तदान मानव जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है और इसकी आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

लक्सर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब पुलिस बरामद रक्त की वैधता, संबंधित ब्लड सेंटरों की भूमिका, वित्तीय लेन-देन और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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