नकली Telma-AM दवा मामले में उत्तराखंड से दो आरोपी गिरफ्तार

नकली Telma-AM दवा मामले में उत्तराखंड से दो आरोपी गिरफ्तार

गुड़गांव,  ब्लड प्रेशर की दवा Telma-AM की कथित नकली दवा तैयार कर बाजार में सप्लाई करने के मामले में ड्रग्स कंट्रोल विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच टीम ने उत्तराखंड में कार्रवाई करते हुए नकली दवा के निर्माण और बिक्री से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रुड़की के गांव मोहम्मदपुर जट निवासी विपिन कुमार और उधम सिंह नगर निवासी प्रदीप कुमार के रूप में हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उत्तराखंड में टीम ने दबिश दी। इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों की भूमिका कथित तौर पर नकली Telma-AM दवा तैयार करने और उसे बाजार में पहुंचाने से जुड़ी पाई गई।

21 सितंबर को विपिन की गिरफ्तारी

अधिकारियों ने बताया कि विपिन कुमार को 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में जांच टीम को मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों के बारे में जानकारी मिलने की बात सामने आई।

जांच के आधार पर टीम ने 25 सितंबर को प्रदीप कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

नकली दवा बनाने और बेचने का आरोप

प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों आरोपियों पर कथित तौर पर नकली Telma-AM दवा के निर्माण और बिक्री में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली दवा कहां तैयार की जाती थी, इसमें किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता था और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया गया।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि नकली दवा की सप्लाई में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा दवा किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाई जाती थी।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारियां

अधिकारियों के अनुसार इस मामले में इससे पहले सुव्रत द्विवेदी और जुवैर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच टीम ने पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली में भी कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में कथित नकली दवाएं बरामद किए जाने की जानकारी दी गई थी।

जांच आगे बढ़ने के साथ अब उत्तराखंड कनेक्शन भी सामने आया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली Telma-AM की सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन स्थानों की भूमिका रही।

दवा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवा की नकली खेप सामने आने के बाद मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। नकली दवा में सही मात्रा में सक्रिय औषधीय घटक नहीं होने या गलत सामग्री होने की स्थिति में मरीज को अपेक्षित उपचार नहीं मिल सकता।

इसी वजह से जांच एजेंसियां अब कथित नकली दवा की सप्लाई चेन को खंगालने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कितनी दवा बाजार तक पहुंची और किन क्षेत्रों में इसकी बिक्री हुई।

कई स्तरों पर जांच जारी

अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवा तैयार करने के लिए कच्चा माल कहां से आया, पैकिंग और लेबलिंग कैसे की गई तथा तैयार माल को किन माध्यमों से अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाया गया।

पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे भी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

यह कार्रवाई डीसीओ अमनदीप चौहान के नेतृत्व में की गई। टीम में डॉ. सुरेश कुमार, डीसीओ-2 और मुकेश कुमार, डीसीओ-3 समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।

नकली दवाओं का यह मामला एक बार फिर दवा की खरीद में सावधानी और नियामक निगरानी की जरूरत को सामने लाता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और नकली दवा की सप्लाई कितने बड़े स्तर तक हुई थी।

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