हरिद्वार में आयुष विभाग का मेगा स्वच्छता अभियान: 25 आयुर्वेदिक-यूनानी अस्पतालों में एक साथ चला स्वच्छ भारत का संदेश
हरिद्वार, मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में तथा जिलाधिकारी हरिद्वार के मार्गदर्शन में, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, हरिद्वार के नेतृत्व में जिलेभर में शुक्रवार को एक दिवसीय, एक घंटे का मेगा स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अभियान ने न केवल आयुष चिकित्सालयों को स्वच्छता की नई दिशा दी, बल्कि आमजन को भी स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ते हुए इसे एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
अभियान के तहत जिले के कुल 25 आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पतालों में एक साथ स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। इसमें 150 से अधिक चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट एवं अन्य कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। खास बात यह रही कि अभियान में 1000 से अधिक स्थानीय नागरिकों, रोगियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी स्वेच्छा से श्रमदान कर भागीदारी निभाई, जिससे सरकारी पहल को जनसमर्थन का मजबूत आधार मिला।

स्वच्छता शपथ से मजबूत हुआ संकल्प
मेगा स्वच्छता अभियान के दौरान स्वच्छ भारत मिशन की भावना को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ (Sanitation Pledge) दिलाई गई। शपथ में लोगों ने स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने, सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
शपथ कार्यक्रम ने अभियान को केवल सफाई तक सीमित न रखते हुए, दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन की दिशा में एक अहम कदम बना दिया।
अस्पतालों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक गहन सफाई

अभियान के दौरान आयुष चिकित्सालय परिसरों, उनके आसपास के क्षेत्रों, सड़कों, नालियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर गहन सफाई, कचरा संग्रह, सैनिटाइजेशन जैसी गतिविधियां संपन्न हुईं। कई स्थानों पर वृक्षारोपण भी किया गया, जिससे स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के परिणामस्वरूप जिले के आयुष चिकित्सालय परिसरों के 80 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों में गहन सफाई पूर्ण की गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
जनता ने बताया प्रेरणादायक अभियान
अभियान को लेकर स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“स्वच्छता शपथ लेकर हमने आज यह संकल्प लिया है कि अब हम अपने आसपास कभी गंदगी नहीं फैलने देंगे।”
वहीं एक ग्रामीण प्रतिभागी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“यह अभियान सिर्फ अस्पतालों को साफ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज में स्वच्छता की सोच को मजबूत करेगा।”
अधिकांश लोगों ने अभियान को अत्यंत प्रभावी बताया और इसे नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग भी की।
स्वच्छता से स्वास्थ्य की ओर मजबूत कदम
इस मेगा स्वच्छता अभियान से कई महत्वपूर्ण लाभ सामने आए हैं। आयुष चिकित्सालयों में संक्रमण नियंत्रण को मजबूती मिली, जिससे रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। इसके साथ ही अस्पतालों के आसपास के क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की बेहतर आदतें विकसित होने लगी हैं।
अभियान ने आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा के मूल सिद्धांत—प्रकृति संरक्षण, शारीरिक एवं मानसिक स्वच्छता—का व्यावहारिक क्रियान्वयन भी किया।
अधिकारियों का संदेश
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, हरिद्वार डॉ. स्वास्तिक जैन ने कहा,
“हमारा विभाग आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा के माध्यम से जन स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोग निवारण, प्राकृतिक चिकित्सा को सुलभ बनाना और पर्यावरण संरक्षण हमारे प्रमुख उद्देश्य हैं। यह मेगा स्वच्छता अभियान इन उद्देश्यों को साकार करता है, क्योंकि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन की नींव है।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता शपथ के माध्यम से लोगों ने दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दिखाई है, जो भविष्य में निरंतर सफाई अभियानों का आधार बनेगी।
“माननीय मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप, हम ऐसे अभियानों को नियमित रूप से जारी रखेंगे, ताकि हरिद्वार ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तराखंड स्वास्थ्य और स्वच्छता का आदर्श राज्य बन सके,” उन्होंने जोड़ा।
भविष्य में और विस्तार की योजना
यह मेगा स्वच्छता अभियान उत्तराखंड सरकार की स्वच्छता एवं स्वास्थ्य नीतियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में इस तरह के अभियानों का और व्यापक स्तर पर विस्तार किया जाएगा, ताकि स्वच्छता को एक अभियान नहीं, बल्कि जन-जीवन की स्थायी आदत बनाया जा सके।



