अब बिना अनुमति नहीं बिकेंगी वेट लॉस ड्रग्स, CDSCO सख्त

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अब बिना अनुमति नहीं बिकेंगी वेट लॉस ड्रग्स, CDSCO सख्त

GLP-1 दवाओं पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन: वजन घटाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और प्रचार पर सख्ती

नई दिल्ली। देशभर में तेजी से लोकप्रिय हो रही GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं को लेकर अब Central Drugs Standard Control Organisation यानी CDSCO ने बड़ा कदम उठाया है। CDSCO ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स को सख्त निर्देश जारी करते हुए इन दवाओं की अवैध बिक्री, गैरकानूनी प्रचार और गलत इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

27 मार्च 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ हफ्तों में CDSCO और राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों ने मिलकर देशभर में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान ऑनलाइन फार्मेसी के गोदामों, थोक और खुदरा दवा दुकानों, वेलनेस सेंटरों और स्लिमिंग क्लीनिकों पर ऑडिट और निरीक्षण किए गए। जांच में कई जगह नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए, जिसके बाद संबंधित संस्थाओं को नोटिस भी जारी किए गए।

दरअसल, GLP-1 आधारित दवाएं मूल रूप से डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थीं, लेकिन हाल के वर्षों में इनका उपयोग तेजी से वजन घटाने के लिए होने लगा है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इन दवाओं को “फास्ट वेट लॉस सॉल्यूशन” के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

CDSCO ने अपने आदेश में साफ कहा है कि इन दवाओं का निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री और मरीजों को उपलब्ध कराना केवल अधिकृत चैनलों के माध्यम से ही होना चाहिए। साथ ही दवाओं का उपयोग केवल स्वीकृत चिकित्सा उद्देश्यों और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही किया जाए। यदि कोई संस्था या व्यक्ति दवाओं को गैरकानूनी चैनलों में भेजता है, गलत तरीके से प्रचार करता है या अनुमोदन की शर्तों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र सरकार ने खासतौर पर सोशल मीडिया, डिजिटल विज्ञापनों और स्लिमिंग क्लीनिकों पर नजर रखने को कहा है। कई कंपनियां और वेलनेस सेंटर इन दवाओं को “स्लिम इंजेक्शन”, “इंस्टेंट फैट लॉस” या “मैजिक वेट लॉस ड्रग” जैसे नामों से प्रचारित कर रहे हैं। CDSCO ने राज्यों को निर्देश दिया है कि ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

इसके लिए Advertising Standards Council of India यानी ASCI समेत अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करने को भी कहा गया है। कार्रवाई ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (ऑब्जेक्शनबल एडवर्टाइजमेंट्स) एक्ट 1954 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार GLP-1 दवाओं का गलत उपयोग शरीर में कई दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। इनमें उल्टी, मतली, कमजोरी, पेट संबंधी समस्याएं और कुछ मामलों में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं भी शामिल हैं। यही वजह है कि सरकार अब इनके अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू कर रही है।

CDSCO ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दवा कंपनियों, वितरकों, मेडिकल स्टोर्स और स्वास्थ्य संस्थानों को नियमों के पालन के लिए एडवाइजरी जारी करें। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी संस्था नियमों को दरकिनार कर इन दवाओं की बिक्री या प्रचार न करे।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के समय में वजन घटाने के नाम पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और निजी क्लीनिकों के जरिए इन दवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। कई मामलों में बिना पर्चे के दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे थे।

अब केंद्र सरकार की इस कार्रवाई के बाद GLP-1 आधारित दवाओं की सप्लाई चेन से लेकर प्रचार तक हर स्तर पर कड़ी निगरानी देखने को मिल सकती है।

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