दवा का सैंपल फेल होने के मामले में कोर्ट सख्त, फार्मा कंपनी का प्रोडक्शन केमिस्ट भगोड़ा घोषित
हरिद्वार। सिडकुल क्षेत्र में स्थित एक फार्मा कंपनी में वर्ष 2015 में मानक के अनुरूप न पाई गई दवा के सैंपल के मामले में अब अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। लंबे समय से न्यायालय में पेश न होने पर कंपनी के प्रोडक्शन केमिस्ट इंचार्ज सुरेंद्र सिंह को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग ने भी आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सिडकुल स्थित मेडी मार्क ड्रग्स फार्मा में वर्ष 2015 के दौरान तैयार की गई एक दवा का सैंपल जांच में मानकों पर खरा नहीं पाया गया था। ड्रग कंट्रोल विभाग द्वारा लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट में दवा को सब-स्टैंडर्ड बताया गया था। इसके बाद संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी और मामला अदालत में विचाराधीन है।
मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी के प्रोडक्शन केमिस्ट इंचार्ज सुरेंद्र सिंह, निवासी बिजनौर को अदालत में पेश होने के लिए कई बार समन जारी किए गए थे। लेकिन बार-बार नोटिस और समन जारी होने के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थित रहने और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने पर अदालत ने सख्त कदम उठाते हुए उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आरोपी की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग को निर्देश मिले हैं कि आरोपी को जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराया जाए। इसी क्रम में ड्रग विभाग की टीम ने सिडकुल स्थित संबंधित फार्मा कंपनी में जाकर सुरेंद्र सिंह के बारे में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान कंपनी प्रबंधन से पूछताछ की गई तो पता चला कि सुरेंद्र सिंह काफी समय पहले ही कंपनी से इस्तीफा देकर जा चुका है और वर्तमान में कंपनी में कार्यरत नहीं है। इसके बाद विभाग ने उसके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ड्रग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दवा का सैंपल फेल होने के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है क्योंकि इससे मरीजों की सेहत पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में बड़ी संख्या में फार्मा कंपनियां संचालित हैं, इसलिए दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए समय-समय पर सैंपलिंग और जांच की जाती है। यदि किसी दवा का सैंपल मानक के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग ने सुरेंद्र सिंह की तलाश तेज कर दी है। विभाग का कहना है कि आरोपी को पकड़कर न्यायालय में पेश कराने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



