अवैध गर्भपात का बड़ा खुलासा, स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में क्लीनिक सील, संचालिका रंगे हाथ पकड़ी गई
खटीमा/शक्तिफार्म। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के शक्तिफार्म क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक का भंडाफोड़ किया है। लंबे समय से महिलाओं और युवतियों के अवैध गर्भपात की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार देर शाम अचानक छापेमारी की, जिसमें क्लीनिक की संचालिका को गर्भपात कराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। मौके से प्रतिबंधित दवाइयों और चिकित्सकीय उपकरणों का बड़ा जखीरा भी बरामद हुआ है। कार्रवाई के बाद क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
शिकायतों के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग को पिछले काफी समय से शक्तिफार्म स्थित गनेश प्राथमिक चिकित्सालय में अवैध गर्भपात कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इस क्लीनिक की गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। बताया जा रहा था कि यहां बिना किसी वैध अनुमति और बिना प्रशिक्षित डॉक्टर के महिलाओं और युवतियों का गर्भपात किया जा रहा है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. कुलदीप यादव ने अपनी टीम के साथ शुक्रवार देर शाम क्लीनिक पर औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी चौंका दिया।
रंगे हाथ पकड़ी गई संचालिका
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि क्लीनिक का कोई वैध पंजीकरण नहीं है और इसकी संचालिका रंजना गंगवार बिना अनुमति के चिकित्सालय चला रही थी। जांच के दौरान टीम ने एक 25 वर्षीय अविवाहित युवती का गर्भपात करते हुए संचालिका को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गर्भपात की प्रक्रिया को रुकवाया और पूरे क्लीनिक की तलाशी ली। इस दौरान कई ऐसे उपकरण और दवाइयां बरामद हुईं जो बिना अनुमति उपयोग नहीं की जा सकतीं।
प्रतिबंधित दवाइयों का बड़ा जखीरा बरामद
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लीनिक से बड़ी मात्रा में गर्भपात से जुड़ी दवाइयां और उपकरण बरामद किए। इनमें मुख्य रूप से
- एमटीपी किट
- मिसोप्रोस्टोल की गोलियां
- क्लिंडामाइसिन दवा
- कंट्रसेफ्ट किट
- गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सकीय उपकरण
जैसी कई वस्तुएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन दवाओं और उपकरणों का इस्तेमाल बिना वैध अनुमति और प्रशिक्षित डॉक्टर के करना कानूनन अपराध है।
क्लीनिक को किया गया सील
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर ही क्लीनिक को सील कर दिया। साथ ही बरामद दवाइयों और उपकरणों को जब्त कर आगे की जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश तक फैला नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार इस अवैध क्लीनिक का नेटवर्क केवल शक्तिफार्म या आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं था। बताया जा रहा है कि इसका संपर्क उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से भी था। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी महिलाएं और युवतियां गर्भपात कराने लाई जाती थीं।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन मेडिकल स्टोरों या एजेंटों के माध्यम से दवाइयों की सप्लाई की जा रही थी।
स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जाएगा। बिना पंजीकरण और बिना योग्य डॉक्टर के इलाज या गर्भपात कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
महिलाओं की जान से खिलवाड़
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के अवैध क्लीनिक महिलाओं की जान के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। बिना प्रशिक्षित डॉक्टर और बिना उचित चिकित्सा सुविधाओं के गर्भपात कराने से गंभीर संक्रमण, अत्यधिक रक्तस्राव और कई बार मौत तक हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस पूरे अवैध नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और प्रशासन उनके खिलाफ क्या कदम उठाता है।



