जया सिद्धार्थ हॉस्पिटल बना संडे मैराथन का सह-प्रायोजक, स्वास्थ्य जागरूकता का दिया मजबूत संदेश
देहरादून :- देहरादून शहर में आयोजित रविवार की मैराथन में इस बार एक खास पहल देखने को मिली, जब Jaya Siddhartha Hospital ने इस आयोजन में सह-प्रायोजक (Co-Sponsor) के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, फिटनेस और सामुदायिक जागरूकता का बड़ा मंच बन गया।

उत्साह से भरी रही मैराथन
सुबह से ही शहर की सड़कों पर जोश और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। युवाओं, बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने मैराथन में भाग लिया। फिटनेस प्रेमियों के साथ-साथ आम नागरिक भी बेहतर स्वास्थ्य के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए दौड़ में शामिल हुए।
मैराथन का उद्देश्य केवल दौड़ लगाना नहीं था, बल्कि लोगों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना भी था।

ऑन-द-स्पॉट मेडिकल सहायता, स्वास्थ्य परामर्श और जागरूकता
जया सिद्धार्थ हॉस्पिटल की मेडिकल टीम पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय रही। अस्पताल की ओर से:
- 🩺 ऑन-द-स्पॉट मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई
- 💊 आवश्यक प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई
- ❤️ प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया
- 🧠 प्रिवेंटिव केयर (रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल) पर जागरूकता फैलायी गई
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात रहा, जिससे प्रतिभागियों ने सुरक्षित वातावरण में मैराथन पूरी की।

🌿 “अस्पताल की दीवारों से बाहर भी सेवा”
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि वे केवल इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि समाज को बीमारियों से पहले ही सतर्क करना उनकी प्राथमिकता है। उनका मानना है कि—
“अच्छा स्वास्थ्य जागरूकता और सक्रिय जीवनशैली से शुरू होता है।”
ऐसे कार्यक्रम लोगों को यह समझाने में मदद करते हैं कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कितनी जरूरी है।
समाज के लिए सकारात्मक पहल

इस मैराथन में बच्चों और युवाओं की बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि नई पीढ़ी फिटनेस को लेकर गंभीर हो रही है। वहीं कई वरिष्ठ नागरिकों ने भी वॉकथॉन श्रेणी में भाग लेकर संदेश दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, सेहत सबसे बड़ी पूंजी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से लोगों में सकारात्मक सोच और अनुशासन की भावना विकसित होती है।
समुदाय से जुड़ाव की मजबूत कड़ी
जया सिद्धार्थ हॉस्पिटल की इस पहल को शहरवासियों ने सराहा। लोगों का कहना था कि जब अस्पताल खुद आगे आकर फिटनेस और जागरूकता की मुहिम में भाग लेता है, तो समाज में भरोसा और प्रेरणा दोनों बढ़ते हैं।
यह आयोजन केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।
रविवार की यह मैराथन केवल दौड़ नहीं, बल्कि “स्वस्थ समाज – मजबूत समाज” का संदेश लेकर आई। जया सिद्धार्थ हॉस्पिटल की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि चिकित्सा संस्थान सिर्फ इलाज के केंद्र नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य संरक्षक भी हैं।
ऐसी पहलें न केवल नागरिकों को प्रेरित करती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखती हैं।



