हरिद्वार में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई, QRT की छापेमारी से दवा कारोबारियों में मचा हड़कंप

 


हरिद्वार में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई, QRT की छापेमारी से दवा कारोबारियों में मचा हड़कंप

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में नशीली और साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए औषधि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अपर आयुक्त महोदय के निर्देशों के क्रम में उप औषधि नियंत्रक द्वारा जिले में एक विशेष क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया गया है। इस टीम का उद्देश्य जिले में नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक औषधियों की अवैध खरीद-फरोख्त पर प्रभावी नियंत्रण करना है।

बीते कुछ समय से हरिद्वार के सलेमपुर और लक्सर क्षेत्र के बसीड़ी इलाके में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की लगातार शिकायतें विभाग को मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और जिम्मेदार सूत्रों द्वारा यह बताया जा रहा था कि कुछ दवा दुकानों पर नियमों को ताक पर रखकर नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए औषधि विभाग ने तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया और QRT को मौके पर भेजा गया।

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अचानक छापेमारी से मचा हड़कंप

QRT टीम ने सलेमपुर और बसीड़ी क्षेत्र में अचानक निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया। टीम के पहुंचते ही कई दवा दुकानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान दवा दुकानों के लाइसेंस, बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और दवाओं की उपलब्धता की गहन जांच की गई। विशेष रूप से यह देखा गया कि कहीं बिना डॉक्टर के पर्चे के तो नशीली या साइकोट्रोपिक दवाएं नहीं बेची जा रही हैं।

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निरीक्षण के दौरान NDPS अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधित कोई भी दवा मौके पर नहीं मिली, लेकिन कई दुकानों पर नियमों का उल्लंघन जरूर पाया गया। कुछ दुकानों में रिकॉर्ड अधूरे मिले तो कहीं पंजीकृत फार्मासिस्ट मौके पर मौजूद नहीं थे।

10 दुकानों की जांच, 7 को नोटिस

अभियान के दौरान कुल 10 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें से 7 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों में दुकानदारों से नियमों के उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया है। वहीं, एक दवा दुकान की गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए उसकी क्रय-विक्रय गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।

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इसके साथ ही 2 थोक औषधि विक्रेताओं (Wholesalers) का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने थोक विक्रेताओं के स्टॉक और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नशीली दवाओं की सप्लाई चेन में कोई गड़बड़ी न हो।

दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश

QRT टीम ने सभी दवा विक्रेताओं को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि नारकोटिक और साइकोट्रोपिक दवाओं का विक्रय केवल वैध डॉक्टर के पर्चे पर ही किया जाए। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में किसी भी प्रकार की दवा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि भविष्य में इन नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित दुकानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबन और रद्दीकरण तक की कार्रवाई की जाएगी।

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वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ औषधि निरीक्षक श्रीमती अनीता भारती के नेतृत्व में की गई। उनके साथ इस अभियान में

  •  हरिश सिंह, औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
  •  मेघा, औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
  •  ऋषभ धामा, औषधि निरीक्षक, टिहरी
  •  हार्दिक भट्ट, औषधि निरीक्षक
  •  विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक, देहरादून
    शामिल रहे। सभी अधिकारियों ने अलग-अलग दुकानों का निरीक्षण कर दस्तावेजों की गहनता से जांच की।

जनहित में उठाया गया कदम

औषधि विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई जनहित और युवाओं को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से की गई है। नशीली दवाओं का गलत इस्तेमाल समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है। भविष्य में भी जिले भर में इस तरह की जांच, छापेमारी और प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। औषधि विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें।

औषधि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि हरिद्वार में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के लिए कोई जगह नहीं है। नियम तोड़ने वालों पर आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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