हरिद्वार में आयुष विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र, योग प्रदर्शन और प्रकृति परीक्षण ने खींचा लोगों का ध्यान
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत रविवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन आयुष विभाग का स्टॉल लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोग, पर्यटक और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने स्टॉल का अवलोकन किया और आयुष पद्धति से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ स्वास्तिक जैन ने बताया कि स्टॉल पर आयुष विभाग द्वारा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। यहां लोगों को आयुष चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयुष सेवाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
स्टॉल पर आयुष विभाग द्वारा संचालित अस्पताल सेवाओं के बारे में लोगों को बताया गया। इसमें आयुष चिकित्सालयों में मिलने वाली ओपीडी, आईपीडी और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पंचकर्म चिकित्सा की विभिन्न विधियों, उनके लाभ और उपचार में उपयोग के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।

आयुष शिक्षा और योजनाओं पर फोकस
स्टॉल पर उत्तराखंड में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्ध पद्धति से जुड़े शिक्षा संस्थानों और कोर्स की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा जनस्वास्थ्य सुधार के लिए चलाए जा रहे अभियानों और योजनाओं से भी लोगों को अवगत कराया गया।
ई-संजीवनी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर की जानकारी
आयुष मंत्रालय की टेलीमेडिसिन सेवा ई‑संजीवनी पोर्टल के बारे में भी लोगों को बताया गया, जिसके माध्यम से घर बैठे आयुष चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है।
इसके अलावा उत्तराखंड में स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की जानकारी भी दी गई, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लाइव योग प्रदर्शन ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान स्टॉल पर लाइव योग प्रदर्शन का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन कर लोगों को उनके स्वास्थ्य लाभ बताए। कई लोगों ने स्वयं भी योग आसनों में भाग लेकर इसका अनुभव किया।
औषधीय पौधों और प्रकृति परीक्षण ने बढ़ाई उत्सुकता
स्टॉल पर औषधीय पौधों का विशेष प्रदर्शन भी किया गया, जहां लोगों को विभिन्न जड़ी-बूटियों की पहचान, उनके औषधीय गुण और उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही प्रकृति परीक्षण कियोस्क भी लगाया गया, जहां लोगों ने अपना लाइव प्रकृति परीक्षण कराया। यह गतिविधि लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रही और कई लोगों ने इसे बेहद उपयोगी बताया।
अनुसंधान आधारित पत्रिकाओं का भी प्रदर्शन
आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेद से संबंधित शोध आधारित पत्रिकाओं और अन्य प्रकाशनों का भी प्रदर्शन किया गया। स्टॉल पर विभिन्न इंटरैक्टिव डेमो और गतिविधियों में लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी की।
लोगों और अधिकारियों ने की सराहना
कार्यक्रम में पहुंचे अन्य विभागों के अधिकारियों और आमजन ने आयुष विभाग की इन पहलों की सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह के प्रयास लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ स्वास्तिक जैन ने कहा कि विभाग का उद्देश्य आयुष पद्धतियों को हर घर तक पहुंचाना है ताकि लोग प्राकृतिक और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकें



