हरिद्वार की दवा कंपनी Shreya Lifesciences पर बड़ी कार्रवाई — खांसी की दवा Planokuf D Syrup पर बैन, पूरी खेप बाजार से वापस मंगाने के आदेश!
देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के औषधि नियंत्रण विभाग (FDA) ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने पर बड़ी कार्रवाई की है। हरिद्वार की दवा कंपनी M/s Shreya Lifesciences Pvt. Ltd. द्वारा बनाई जा रही खांसी की दवा ‘Planokuf D Syrup’ को सरकार ने “खतरनाक और घटिया गुणवत्ता” का बताते हुए तुरंत प्रतिबंधित कर दिया है।
यह वही दवा है जो आमतौर पर सर्दी-खांसी और एलर्जी के इलाज में दी जाती है। लेकिन जांच में इसका सच सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
गुवाहाटी की सरकारी प्रयोगशाला (RDTL) में इस दवा की जांच के दौरान इसमें गंभीर रासायनिक अशुद्धता और मानक से कम गुणवत्ता पाई गई। रिपोर्ट में इसे “Not of Standard Quality” यानी मानक के अनुरूप नहीं बताया गया।
रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने राज्य औषधि नियंत्रण विभाग को पत्र भेजकर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उत्तराखंड के ड्रग लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण प्राधिकरण के अतिरिक्त आयुक्त तजबर सिंह ने आदेश जारी कर Planokuf D Syrup के निर्माण की अनुमति रद्द कर दी और कंपनी को निर्देश दिया कि वह बाजार से दवा की पूरी खेप (Batch No. R25053101) तुरंत वापस (रिकॉल) मंगाए।
यह बैच फरवरी 2025 में बनाया गया था और जनवरी 2027 तक एक्सपायरी के लिए मान्य था। लेकिन अब इसकी बिक्री, वितरण और निर्माण पूरी तरह रोक दिया गया है।
FDA ने जनता से अपील की है कि जो भी व्यक्ति, अस्पताल या मेडिकल स्टोर के पास यह दवा मौजूद है, वे इसका इस्तेमाल तुरंत बंद करें और इसे नजदीकी ड्रग इंस्पेक्टर या स्वास्थ्य विभाग को सौंपें।
सूत्रों का कहना है कि इस सिरप में खतरनाक रासायनिक तत्व, जैसे Diethylene Glycol जैसी अशुद्धियां, मिलने की आशंका है, जो किडनी, लीवर और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
राज्य औषधि विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी घटिया दवा को बाजार में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को मेडिकल स्टोरों की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह सिरप कहीं भी बिक्री में न रहे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है:
“जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। मानक से कम गुणवत्ता वाली किसी भी दवा को बाजार में रहने नहीं दिया जाएगा। अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अन्य राज्यों को भी अलर्ट जारी किया है ताकि इस दवा की सप्लाई चैन पूरी तरह से रोकी जा सके।



