हरिद्वार में 200 बेड का महिला एवं बाल चिकित्सा अस्पताल शुरू — सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल

हरिद्वार में 200 बेड का महिला एवं बाल चिकित्सा अस्पताल शुरू — सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल

हरिद्वार।  राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में अब हरिद्वार को एक बड़ी स्वास्थ्य सौगात मिल गई है। शहर में 200 बेड के अत्याधुनिक महिला एवं बाल चिकित्सा अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया है, जिससे खासकर महिलाओं और बच्चों को सस्ती दरों पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।

यह अस्पताल हरिद्वार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब तक गंभीर बीमारियों या विशेष उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस अस्पताल के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल

 

  • मनोज मिश्रा, डायरेक्टर, संचालन समिति

इस 200 बेड के अस्पताल में मरीजों को कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इनमें शामिल हैं—

  • स्त्री एवं प्रसूति वार्ड
  • मेडिसिन विभाग
  • नवजात शिशु देखभाल इकाई (NICU)
  • हड्डी एवं ट्रॉमा सेंटर
  • जनरल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी
  • अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे
  • डायलिसिस सुविधा

सबसे खास बात यह है कि ये सभी सेवाएं सरकारी दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत मिलेगी।

महिलाओं और बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ

अस्पताल के संचालन से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों की हजारों महिलाओं और बच्चों को सीधा फायदा होगा। गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित प्रसव की बेहतर व्यवस्था, नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है।

पीपीपी मॉडल पर संचालन

इस अस्पताल का संचालन पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल के तहत किया जा रहा है। इससे सरकारी निगरानी के साथ निजी क्षेत्र की दक्षता भी जुड़ जाएगी, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद है।

डीएम ने बताया बड़ी उपलब्धि

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इसे राज्य सरकार की चार साल की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के शुरू होने से महिलाओं और बच्चों को कम खर्च में बेहतर इलाज मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आगामी कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए यह अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि उस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार पहुंचेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में नया अध्याय

अस्पताल के संचालन से हरिद्वार जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। स्थानीय लोगों को अब बेहतर, सुलभ और किफायती इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि भविष्य में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए भी मजबूत आधार तैयार करेगी।

 

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