हरिद्वार की नीलम ने ‘Mjbakerss Academy’ के जरिए महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
हरिद्वार। आज के दौर में जब महिलाएं अपनी पहचान और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में हरिद्वार की नीलम सिंह चौहान की कहानी प्रेरणा की मिसाल बनकर सामने आती है। एक माँ, शिक्षिका, होम बेकर और सफल उद्यमी के रूप में नीलम ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

नीलम सिंह चौहान पिछले 9 वर्षों से कुकिंग और बेकिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका सफर केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने देशभर की हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा भी दिखाई है।
परिवार और जिम्मेदारियों के बीच जन्मा सपना
नीलम के पति ने भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों तक सेवा दी और सेवानिवृत्ति के बाद बीएचईएल में कार्य किया। दो बेटियों की माँ नीलम के लिए बच्चों की शिक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रही। बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से वे चंडीगढ़ में रहीं, जहां उन्होंने एक स्कूल शिक्षिका के रूप में कार्य किया।

स्कूल की नौकरी, बच्चों की पढ़ाई, घर की जिम्मेदारियां और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच भी नीलम ने अपने शौक को कभी दबने नहीं दिया। यही वह समय था जब उनके भीतर बेकिंग के प्रति गहरा जुनून पनपा।
रेड वेलवेट केक से बदली सोच
नीलम के जीवन में एक छोटा-सा पल बड़ा मोड़ लेकर आया। एक बार बेकरी में रखे रेड वेलवेट केक ने उन्हें आकर्षित किया और उनके मन में सवाल उठा— यह केक बनता कैसे है?
यहीं से उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों से सीखना शुरू किया। बिना किसी औपचारिक प्रोफेशनल ट्रेनिंग के, उन्होंने स्वयं अभ्यास किया, प्रयोग किए और असफलताओं से सीखते हुए बेकिंग की बारीकियां समझीं।
जब उन्होंने अपना पहला केक बनाया और बेचा, तो वह पल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया। यह सिर्फ कमाई नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसंतोष की पहली जीत थी।
हरिद्वार में संघर्ष और भरोसे की चुनौती
हरिद्वार आने के बाद नीलम ने घर से छोटे स्तर पर केक ऑर्डर लेना शुरू किया। शुरुआत में लोगों का भरोसा जीतना आसान नहीं था, क्योंकि ग्राहक बेकरी के केक के आदी थे और होममेड केक को लेकर संशय में रहते थे।
लेकिन नीलम ने गुणवत्ता, स्वाद और ईमानदारी को अपनी पहचान बनाया। धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और उनके काम की पहचान बनने लगी।
महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल
अपनी सफलता को सिर्फ खुद तक सीमित न रखते हुए नीलम ने ऑनलाइन बेकिंग क्लासेज की शुरुआत की। कुछ ही समय में देश के विभिन्न राज्यों से महिलाएं उनसे जुड़ने लगीं।
इन कक्षाओं के माध्यम से नीलम ने महिलाओं को केवल बेकिंग ही नहीं सिखाई, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, पहचान और घर बैठे आय का साधन भी दिया। कई महिलाओं ने उनके मार्गदर्शन में अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया।
Mjbakerss Academy: आत्मनिर्भरता की पाठशाला
आज नीलम सिंह चौहान “Mjbakerss Academy” के माध्यम से बेसिक से लेकर प्रोफेशनल स्तर तक की कुकिंग और बेकिंग ट्रेनिंग प्रदान कर रही हैं। उनकी अकादमी उन महिलाओं के लिए एक मजबूत मंच बन चुकी है, जो कुछ नया करना चाहती हैं लेकिन अवसर की तलाश में रहती हैं।
सोशल मीडिया पर मजबूत पहचान
नीलम की सोशल मीडिया पर फूड लवर्स की कम्युनिटी है। यह केवल फॉलोअर्स नहीं, बल्कि सीखने, जुड़ने और प्रेरित होने वाला एक सक्रिय नेटवर्क है।
राज्य स्तरीय सम्मान से बढ़ा मान
नीलम की मेहनत और प्रतिभा को तब और पहचान मिली, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश में आयोजित राज्य स्तरीय कुकिंग प्रतियोगिता में जीत हासिल की। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल स्वयं का, बल्कि अपने क्षेत्र और राज्य का भी नाम रोशन किया।

प्रेरणा बन चुकी है यह कहानी
नीलम सिंह चौहान की यह यात्रा साबित करती है कि यदि शौक को जुनून और जुनून को निरंतर मेहनत का साथ मिल जाए, तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है।
आज नीलम सिर्फ एक सफल उद्यमी नहीं, बल्कि उन हजारों महिलाओं के लिए उम्मीद, हौसले और आत्मनिर्भरता की प्रतीक बन चुकी हैं, जो अपने सपनों को सच करने की चाह रखती हैं।




