हरिद्वार के अकम्स प्लांट को यूरोपीय मान्यता, दवा उद्योग के लिए बड़ी खुशखबरी
हरिद्वार। हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में स्थित अकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। कंपनी के दो निर्माण संयंत्रों को यूरोपीय संघ (EU) की गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस यानी EU-GMP की मान्यता मिली है। यह प्रमाणन यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) द्वारा कड़े निरीक्षण के बाद दिया गया है।
EMA की टीम ने दोनों संयंत्रों में दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, साफ-सफाई, रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन की गहन जांच की। जांच पूरी तरह संतोषजनक रहने पर प्लांट-1 का EU-GMP प्रमाणन नवीनीकृत किया गया, जबकि प्लांट-2 को पहली बार EU-GMP प्रमाणन मिला है।
प्लांट में क्या-क्या बनता है
हरिद्वार स्थित प्लांट-1 में टैबलेट, कैप्सूल और पाउडर जैसी खाने वाली ठोस दवाएं बनाई जाती हैं। यह संयंत्र आधुनिक मशीनों और सख्त गुणवत्ता प्रणाली के साथ काम करता है।
वहीं प्लांट-2 में सिरप, सस्पेंशन और अन्य तरल दवाओं का निर्माण किया जाता है। यह यूनिट भी आधुनिक तकनीक और मजबूत गुणवत्ता जांच व्यवस्था से लैस है।
क्यों अहम है यह प्रमाणन
EU-GMP प्रमाणन मिलने का मतलब है कि इन संयंत्रों में बनने वाली दवाएं यूरोप के सख्त मानकों पर खरी उतरती हैं। इससे अकम्स को यूरोप और अन्य विकसित देशों में दवाएं सप्लाई करने में आसानी होगी।
कंपनी प्रबंधन का कहना
कंपनी के प्रबंध निदेशक संदीप जैन ने कहा कि यह उपलब्धि गुणवत्ता और बेहतर व्यवस्था पर वर्षों की मेहनत का परिणाम है। वहीं संजीव जैन ने बताया कि दो संयंत्रों को एक साथ EU-GMP मान्यता मिलना कंपनी की मजबूत कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
हरिद्वार और उत्तराखंड को फायदा
इस उपलब्धि से:
- हरिद्वार सिडकुल की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- उत्तराखंड का नाम दवा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा
अकम्स को मिला EU-GMP प्रमाणन यह साबित करता है कि हरिद्वार में भी विश्वस्तरीय गुणवत्ता की दवाएं तैयार की जा रही हैं। यह न सिर्फ कंपनी, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।



