CDSCO का बड़ा फैसला: दो साल से लंबित दवा व मेडिकल डिवाइस आवेदन होंगे सीधे खारिज
नई दिल्ली। दवा, कॉस्मेटिक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने सख्त कदम उठाया है। SUGAM पोर्टल पर लंबे समय से लंबित पड़े आवेदनों को लेकर CDSCO ने साफ कर दिया है कि जिन फाइलों पर दो साल से अधिक समय से पूछी गई क्वेरियों का जवाब नहीं दिया गया, उन्हें अब खारिज कर दिया जाएगा और आवेदन शुल्क भी जब्त होगा।
CDSCO के अनुसार, कई आवेदन आवेदक स्तर पर अटके हुए हैं, क्योंकि मूल्यांकन के दौरान उठाए गए सवालों पर समय पर जवाब नहीं दिया गया। बैकलॉग कम करने के लिए संगठन ने स्ट्रक्चर्ड रिमाइंडर मैकेनिज्म लागू किया है, जिसके तहत आवेदकों को तीन बार रिमाइंडर भेजे जाते हैं। इसके बाद भी जवाब न देने पर चौथा और अंतिम नोटिस जारी कर आवेदन को खारिज कर दिया जाएगा।
यह कार्रवाई खास तौर पर
- 2016 से लंबित नई दवाएं, एफडीसी, इंपोर्ट, कॉस्मेटिक्स और बायोलॉजिक्स
- 2018 से लंबित मेडिकल डिवाइस और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक्स
से जुड़े आवेदनों पर लागू होगी।
CDSCO ने सभी स्टेकहोल्डर्स को चेतावनी दी है कि पब्लिक नोटिस की तारीख से 30 दिन के भीतर यदि लंबित क्वेरियों का जवाब नहीं दिया गया, तो आवेदन स्वतः खारिज मान लिया जाएगा और इसकी अलग से सूचना जारी की जाएगी।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि नियामक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अब स्वीकार्य नहीं है। समयबद्ध अनुपालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस फैसले से फार्मा, मेडिकल डिवाइस और कॉस्मेटिक उद्योग में हलचल तेज हो गई है। CDSCO का संदेश साफ है—समय पर जवाब दें, नहीं तो आवेदन खारिज होगा।



