देशभर की सभी फार्मेसियों में अब दिखेगा QR कोड — दवा की किसी भी खराब प्रतिक्रिया की तुरंत रिपोर्ट करें! DCGI ने जारी किए सख्त निर्देश

 


देशभर की सभी फार्मेसियों में अब दिखेगा QR कोड — दवा की किसी भी खराब प्रतिक्रिया की तुरंत रिपोर्ट करें! DCGI ने जारी किए सख्त निर्देश

नई दिल्ली। दवाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठा लिया है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि हर खुदरा और थोक फार्मेसी में अनिवार्य रूप से एक QR कोड लगाया जाए, जिसके जरिए लोग किसी भी दवा से हुई खराब प्रतिक्रिया (Adverse Drug Reaction) की तुरंत रिपोर्ट कर सकेंगे।

यह निर्देश 18 जून 2025 को हुई फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ़ इंडिया (PvPI) की 16वीं वर्किंग ग्रुप मीटिंग के फैसले के बाद जारी किए गए हैं, जिसका मकसद दवा सुरक्षा को मजबूत करना और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।


हर फार्मेसी में QR कोड और टोल-फ्री नंबर अनिवार्य

DCGI ने साफ कहा है कि देशभर की सभी केमिस्ट शॉप्स—चाहे थोक हों या खुदरा—अपनी दुकान में एक प्रमुख स्थान पर निर्धारित QR कोड को लगाएं
इसके साथ ही PvPI का टोल-फ्री नंबर भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति या स्वास्थ्यकर्मी आसानी से खराब दवा प्रतिक्रिया की शिकायत कर सके।

DCGI डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने कहा—

“इस कदम से आम जनता और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की सहज और तेज रिपोर्टिंग में मदद मिलेगी। देश में ADR रिपोर्टिंग को और मजबूत किया जाएगा।”

साथ ही राज्यों से कहा गया है कि वे इस आदेश का व्यापक प्रसार करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी लाइसेंसधारी फार्मेसियां इस नियम का सख्ती से पालन करें।


भारत में पहली बार — QR कोड के जरिए ऑनलाइन ADR रिपोर्टिंग

PvPI के राष्ट्रीय समन्वय केंद्र, भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने हाल ही में एक पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसमें QR कोड स्कैन करते ही लोग दवा के दुष्प्रभावों की रिपोर्ट ऑनलाइन कर सकेंगे।
IPC का कहना है कि इससे आम लोगों की भागीदारी अधिक होगी और दवा सुरक्षा से संबंधित जानकारी तेजी से जुट सकेगी।


ADRs रिपोर्टिंग को बढ़ावा—“आपकी सुरक्षा बस एक क्लिक दूर!”

17–23 सितंबर 2025 के बीच मनाए गए राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का विषय भी था:

“आपकी सुरक्षा, बस एक क्लिक दूर: PvPI को रिपोर्ट करें”

इसका लक्ष्य लोगों को जागरूक करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए ADR रिपोर्टिंग को आसान बनाना था।


भारत का अपना ADRMS — दवा सुरक्षा को देगा नई दिशा

19 अगस्त 2024 को लॉन्च किया गया PvPI का ADRMS सॉफ्टवेयर देश का पहला स्वदेशी मेडिकल प्रोडक्ट सेफ्टी डेटाबेस है। यह दवाओं और मेडिकल डिवाइसेज से जुड़े दुष्प्रभावों का डेटा रिकॉर्ड करता है, उसका विश्लेषण करता है और CDSCO को नियामक फैसलों में मदद करता है।

इस व्यवस्थित रिपोर्टिंग से:

  • दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा
  • मरीजों की सुरक्षा मजबूत होगी
  • दोषपूर्ण दवाओं पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी

फार्मेसियों पर QR कोड लगाना अब सिर्फ औपचारिकता नहीं—यह देशभर में दवा सुरक्षा को नई दिशा देने वाला कदम है।
अब हर नागरिक बस एक स्कैन से अपनी आवाज़ सिस्टम तक पहुंचा सकेगा, और यही बदलाव भारत की दवा सुरक्षा को मजबूत करेगा।


 

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