नोवो नॉर्डिस्क की दवाइयों की खेप चोरी, CDSCO ने जारी किया अलर्ट

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नोवो नॉर्डिस्क की दवाइयों की खेप चोरी, CDSCO ने जारी किया अलर्ट

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नई दिल्ली, ।भारत में दवाइयों की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। दवा निर्माता कंपनी नोवो नॉर्डिस्क की कई महत्वपूर्ण दवाइयों की खेप ट्रांज़िट के दौरान चोरी हो गई है। इस चोरी को लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देशभर में सतर्कता अलर्ट जारी किया है।

कंपनी ने जानकारी दी है कि यह चोरी उसके भिवंडी हब से नागपुर, रायपुर, कटक और कोलकाता के लिए भेजी जा रही खेप के दौरान हुई। चोरी हुई दवाइयाँ मुख्य रूप से इंसुलिन और सेमाग्लुटाइड इंजेक्शन (r-DNA origin injectables) हैं, जो शुगर और मोटापे जैसी बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती हैं। इन दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए 2°C से 8°C तापमान अनिवार्य होता है। यदि इन्हें निर्धारित तापमान पर नहीं रखा गया तो इनकी गुणवत्ता और असरकारिता पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिससे मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा हो सकता है।

चोरी हुई दवाइयों की सूची

1. Ryzodeg™ Flex Touch (Insulin degludec/ Insulin Aspart) – बैच नं. RT6GY96

2. Insulin Aspart (Fiasp Penfill) – बैच नं. RR726AB

3. Insulin Aspart (Fiasp FlexTouch) – बैच नं. RP5P640

4. Semaglutide 0.5 mg (Wegovy FlexTouch) – बैच नं. RPS5233

5. Semaglutide 0.25 mg (Wegovy FlexTouch) – बैच नं. RPSS232

6. Semaglutide 1 mg (Wegovy FlexTouch) – बैच नं. RP5S210

 

इनमें से ज्यादातर दवाइयाँ डायबिटीज़ और मोटापे के मरीजों के लिए बेहद अहम हैं। ऐसे में इनके गलत हाथों में जाने या खराब स्थिति में उपयोग होने से मरीजों की ज़िंदगी पर सीधा खतरा हो सकता है।

CDSCO ने दी सख्त हिदायतें

सीडीएससीओ के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल, डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने आदेश जारी करते हुए डॉक्टरों, मरीजों और सभी राज्य औषधि नियंत्रकों को अलर्ट रहने को कहा है।

डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को निर्देश दिया गया है कि वे इन दवाइयों का प्रिस्क्रिप्शन सावधानीपूर्वक दें और मरीजों को किसी भी तरह के दुष्प्रभाव (ADRs) की रिपोर्ट तुरंत करने की सलाह दें।

मरीजों और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे दवाइयाँ केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स या सप्लायर से ही खरीदें और सही बिल अवश्य लें।

राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों को आदेश दिया गया है कि वे बाजार में इन दवाइयों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध खेप पर तुरंत कार्रवाई करें।

पुलिस जांच जारी

फिलहाल, चोरी का यह मामला पुलिस की जांच के अधीन है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दवाइयों की खेप भिवंडी से ट्रकों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की ओर भेजी जा रही थी, तभी बीच रास्ते में चोरी हुई। पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज और परिवहन कंपनी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।

मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस घटना को बेहद गंभीर माना है। मंत्रालय का कहना है कि चोरी हुई दवाइयाँ यदि बिना उचित भंडारण के मरीजों तक पहुँचती हैं तो उनके प्रभावहीन या हानिकारक साबित होने का खतरा है। इसलिए मरीजों को सजग रहने और किसी भी तरह की संदिग्ध दवा मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की गई है।

कंपनी ने जताई चिंता

नोवो नॉर्डिस्क ने भी घटना पर चिंता जताई है। कंपनी ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता मरीजों की सुरक्षा है और वे जांच एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।

सतर्क रहने की अपील

यह पहली बार नहीं है जब दवाइयों की चोरी का मामला सामने आया हो, लेकिन इंसुलिन और सेमाग्लुटाइड जैसी संवेदनशील दवाइयों के चोरी होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। ऐसे में चिकित्सा जगत और आम उपभोक्ताओं को अधिक सतर्क रहने की ज़रूरत हैं

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