47 हजार सालाना से 6 लाख महीना तक! नगर निगम का कड़ा प्रहार, होटल सचिन इंटरनेशनल पर चला किराया चाबुक

 


47 हजार सालाना से 6 लाख महीना तक! नगर निगम का कड़ा प्रहार, होटल सचिन इंटरनेशनल पर चला किराया चाबुक

हरिद्वार।   हरिद्वार नगर निगम अब वर्षों से चली आ रही राजस्व क्षति और ढीली व्यवस्था को खत्म करने के मूड में नजर आ रहा है। निगम की कीमती संपत्तियों पर नाममात्र के किराए पर कब्जा जमाए बैठे किरायेदारों के खिलाफ अब सीधी और सख्त कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस मुहिम की शुरुआत नगर निगम ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होटल सचिन इंटरनेशनल से की है, जहां अब तक निगम को बेहद कम किराया मिल रहा था।


नगर निगम की जमीन, लेकिन किराया नाममात्र

हरिद्वार रेलवे स्टेशन जैसे अति व्यस्त, व्यावसायिक और हाई-वैल्यू इलाके में स्थित होटल सचिन इंटरनेशनल में 100 से अधिक कमरे हैं। प्रतिदिन यहां श्रद्धालु, पर्यटक और यात्री ठहरते हैं, जिससे होटल को लाखों की आमदनी होती है। इसके बावजूद यह होटल नगर निगम को सालाना मात्र 47 हजार रुपये किराया दे रहा था।
मासिक गणना में यह रकम कुछ हजार रुपये ही बैठती है, जो मौजूदा बाजार मूल्य और सर्कल रेट के लिहाज से चौंकाने वाली है।


नगर निगम ने की सख्त समीक्षा, खुली पुरानी गड़बड़ियां

नगर निगम प्रशासन द्वारा जब निगम संपत्तियों की लोकेशन, उपयोग और वास्तविक बाजार कीमत के आधार पर समीक्षा की गई, तो सामने आया कि कई संपत्तियों से निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। होटल सचिन इंटरनेशनल का मामला भी उन्हीं गंभीर मामलों में शामिल पाया गया।
इसके बाद निगम ने इस संपत्ति का सर्कल रेट के अनुसार मूल्यांकन कराते हुए किराये का पुनर्निर्धारण किया।


अब हर महीने 4 से 6 लाख रुपये देगा होटल

समीक्षा के बाद नगर निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए होटल सचिन इंटरनेशनल का किराया
👉 4 लाख से 6 लाख रुपये प्रतिमाह तय कर दिया है।
यानी जो होटल पहले पूरे साल में 47 हजार रुपये देता था, अब वही रकम कुछ ही दिनों में निगम के खाते में जाएगी

यह निर्णय नगर निगम की आय बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है, साथ ही यह उन सभी किरायेदारों के लिए कड़ा संदेश भी है जो वर्षों से सस्ते किराए का लाभ उठा रहे थे।


मुख्य नगर आयुक्त का दो-टूक संदेश

इस मामले में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार ने साफ कहा कि नगर निगम की आय बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

– नंदन कुमार, मुख्य नगर आयुक्त
“नगर निगम की संपत्तियों का लंबे समय से समुचित रिव्यू नहीं हुआ था। अब सभी संपत्तियों का मूल्यांकन सर्कल रेट और बाजार दर के अनुसार किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल सचिन इंटरनेशनल का किराया भी पुनर्निर्धारित किया गया है, जिसके तहत अब उसे 4 से 6 लाख रुपये प्रतिमाह जमा कराने होंगे।”


अब बाकी संपत्तियों की बारी?

नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि
क्या अब अन्य होटल, दुकानें और व्यावसायिक भवन भी इस कार्रवाई की जद में आएंगे?
कितनी ऐसी निगम संपत्तियां हैं, जिनसे अभी भी नाममात्र का किराया लिया जा रहा है?

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की सूची में कई और बड़े किरायेदार शामिल हैं, जिनके किराये की जल्द समीक्षा की जाएगी।


किरायेदारों में हड़कंप, निगम को आर्थिक संबल

होटल सचिन इंटरनेशनल पर हुई इस सख्त कार्रवाई से अन्य किरायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं नगर निगम को इससे करोड़ों रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है, जिसका उपयोग शहर की सफाई, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने में किया जाएगा।

नगर निगम का यह कदम साफ संकेत देता है कि
अब सरकारी संपत्तियों का सस्ते में इस्तेमाल नहीं चलेगा।
बाजार दर के अनुसार किराया देना ही होगा।

अब देखना यह है कि यह सख्ती आगे कितनी दूर तक जाती है और क्या इससे हरिद्वार नगर निगम की आर्थिक स्थिति वाकई मजबूत हो पाती है।

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