100 मिलीग्राम से ज्यादा नाइमेसुलाइड वाली दवाओं पर पूरी तरह रोक
उत्तराखंड में अब न बनेगी, न बिकेगी यह दवा
देहरादून। उत्तराखंड में अब 100 मिलीग्राम से अधिक नाइमेसुलाइड वाली कोई भी गोली, टैबलेट या अन्य खाने वाली दवा न बनाई जाएगी और न ही बेची जाएगी। राज्य के Food Safety & Drug Administration (FDA) ने इस पर सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के बाद लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नाइमेसुलाइड दर्द और बुखार की दवा है, लेकिन ज्यादा मात्रा में यह दवा सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। खासकर लीवर पर इसका बुरा असर पड़ता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर लोगों के लिए यह दवा और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। इन्हीं कारणों से सरकार ने तय किया है कि 100 मिलीग्राम से ज्यादा मात्रा वाली नाइमेसुलाइड को बंद किया जाए।
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह का बयान
उत्तराखंड के ड्रग कंट्रोलर और अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने बताया कि राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को साफ निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने कहा,
“इन दवाओं की न तो बिक्री की जाएगी और न ही इनका निर्माण किया जाएगा। सभी ड्रग इंस्पेक्टर अपने-अपने इलाकों में इसकी कड़ी निगरानी करेंगे।”
दवा कारोबारियों को सख्त निर्देश
FDA ने उत्तराखंड के सभी:
- दवा बनाने वाली कंपनियों
- दवा के थोक व्यापारी
- मेडिकल स्टोर चलाने वालों
को आदेश दिया है कि वे तुरंत 100 mg से ज्यादा नाइमेसुलाइड वाली दवाओं को बनाना, रखना और बेचना बंद करें। अगर किसी के पास ऐसी दवाएं पहले से स्टॉक में हैं तो उन्हें नियमों के अनुसार हटाने को कहा गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर करेंगे जांच
सरकार ने राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी दी है कि वे:
- मेडिकल दुकानों की जांच करें
- गोदामों और फैक्ट्रियों पर नजर रखें
- कहीं भी प्रतिबंधित दवा बिकती मिले तो तुरंत कार्रवाई करें
सरकार ने साफ कहा है कि कोई भी बहाना नहीं चलेगा।
नियम तोड़ा तो क्या होगा
यदि कोई कंपनी या मेडिकल स्टोर इस आदेश को नहीं मानता है तो:
- उसका दवा लाइसेंस रद्द किया जा सकता है
- उस पर जुर्माना लगाया जाएगा
- जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी होगी
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
FDA ने आम जनता से अपील की है कि:
- बिना डॉक्टर की सलाह के नाइमेसुलाइड न लें
- अगर पहले से 100 mg से ज्यादा की दवा घर में हो तो डॉक्टर से पूछें
- किसी मेडिकल स्टोर पर अगर यह दवा बिकती दिखे तो इसकी जानकारी ड्रग विभाग को दें
सरकार का साफ संदेश
राज्य सरकार और FDA ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत से कोई समझौता नहीं होगा। जो दवाएं सेहत के लिए खतरनाक हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



